“कांग्रेस नेता हूं, बच्चों का एडमिशन करो, नहीं तो करवाएंगे जांच”-स्कूल पर दबाव बनाने का आरोप
“कांग्रेस नेता हूं, बच्चों का एडमिशन करो, नहीं तो करवाएंगे जांच”-स्कूल पर दबाव बनाने का आरोप
प्रयागराज में गुरुवार को एक स्वघोषित कांग्रेस नेता आशीष पाण्डेय नाम के एक शख्स ने लालगोपालगंज स्थित एक सीबीएसई स्कूल के बाहर ऐसा धरना जमाया, मानो शिक्षा व्यवस्था की पूरी नींव आज ही हिलाकर छोड़ेंगे. स्कूल पर भ्रष्टाचार, फीस बढ़ोतरी और मानकों की अनदेखी के आरोप लगाते हुए नेता जी ने मोर्चा खोला, लेकिन हाल यह रहा कि धरने में गिनती के आधा दर्जन लोग भी मुश्किल से नजर आए.
“धरने में आधा दर्जन लोग भी नहीं, दावों में पूरा संसद”
नेता जी का आत्मविश्वास भी कम दिलचस्प नहीं था. उन्होंने दावा किया कि यह लड़ाई अब स्कूल गेट से निकलकर सीधे संसद तक जाएगी, क्योंकि इस मुद्दे पर उनकी बात कांग्रेस की वरिष्ठ नेता आराधना मिश्रा और प्रमोद तिवारी तक पहुंच चुकी है.
नेता जी का रूटीन वर्क- धौंस जमाकर काम कराना
उधर स्कूल प्रशासन का कहना है कि यह कोई पहली बार विरोध नहीं था, बल्कि नेता जी अक्सर स्कूल पहुंचकर “तीन बच्चों का एडमिशन कर लो, नहीं तो जांच करवा देंगे” जैसी राजनीतिक शैली में संवाद करते रहते हैं और स्कूल बंद करा देने की धमकी भी देते हैं.
यही नहीं आरोप तो यहां तक है कि नेता जी ने स्कूल के कर्मचारी को रास्ते में रोककर “अपने मालिक से कहना, अब देख लेंगे जैसी फिल्मी चेतावनी भी दे डाली.
विरोध के बैकग्राउंड में चुनावी फंडिंग की आस
स्कूल प्रशासन का यह भी कहना है कि नेता जी ग्राम पंचायत का चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, और इसी सिलसिले में उन्होंने स्कूल से आर्थिक सहयोग की अपेक्षा की थी. जब स्कूल प्रबंधन ने इस तरह के सहयोग से साफ इनकार कर दिया, तो नेता जी ने स्कूल के बाहर हंगामा खड़ा कर दिया. फिलहाल स्कूल की तरफ से स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा दी गई है.
अब आसपास के क्षेत्रों में चर्चा इस बात की है कि यह शिक्षा व्यवस्था बचाने की लड़ाई थी, या फिर तीन एडमिशन की राजनीति का नया अध्याय? या चुनाव लड़ने के लिए धन उगाही का एक तरीका?
